मोदी के चक्रव्यूह में फंस गए इमरान, अलग-थलग पड़ा फिर पाकिस्तान


पाकिस्तान की कायराना हरकत जारी है। दुनिया ने पाकिस्तान की कोई नहीं सुना तो वो POK पर साजिश रच रहा है। पाकिस्तान को इन दिनों लगता है कि जंग की ललकार कोई बच्चों का खेल है। परमाणु हमले की बात कोई मामूली बात है। मिसाइलों के परीक्षण दीवाली के पटाखे है। इसीलिए सुबह होते भारत को चुनौतियां शाम होते विदेश मंत्री की धमकियां और सोने से पहले प्रधानमंत्री इमरान खान की गीदडभभकी। असलियत में पूरा पाकिस्तान भारत के खौफ से हिला हुआ है।


पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से लेकर उसके मंत्री और आर्मी चीफ तक सबकी रातों की नींद उड़ी हुई है। पाकिस्तान सरहत पर खुराफात की साजिश रच रहा है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और लेह-लद्दाख के केन्द्र शासित राज्य बनने के बाद अब धीरे-धीरे सरकार की तरफ से घाटी में लगाई गई पाबंदियों को हटाना शुरू हो गया है। जम्मू के कुछ क्षेत्रों में मोबाइल सेवा बहाल हो रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दो टूक कह दिया है कि कश्मीर पर पाकिस्तान का कोई हक नहीं है।


आतंक को पालने वाले पाकिस्तान को हर बार लगा कि वो युद्ध को की धमकियों से दुनिया की नजरें loc पर खींच लेगा। पाकिस्तान को मोदी सरकार ने कई बार रूला दिया है। पहले सर्जिकल स्ट्रइक, फिर एयर स्ट्राइक, फिर यून में फटकार और उसके बाद अमेरिका से लताड़। पाकिस्तान भूल गया वो कि दिन चले गए जब हिन्दुस्तान परमाणु हमले की धमकी को सुन लिया करता था।


अब तो विदेश मंत्री से लेकर रक्षा मंत्री तक और रक्षा मंत्री से लेकर गृह मंत्री तक बोल रहे है कि pok हमारा है हमारी सरहदों पर अगर नजर पड़ती है तो दुश्मनों को छोड़ेंगे नहीं। पाकिस्तान अपनी गुस्ताखियों को मिसाइल के परीक्षण से ढाकना चाहता है। धमकियों के जरिए भारत को डराना चाहता है। लेकिन इमरान खान भूल गए जिस देश की सरकार सेना के रहनों करम पर चलती है वो देश सीरिया बन जाता है। भारत की बदली हुई भाषा ने पाकिस्तान को इतना डरा दिया है कि वो खुलकर ना तो युद्ध कर पा रहा है और ना ही अपने आवाम से नजरे मिला पा रहा है।