अगर आपने संजू फिल्म देखी है तो आपको याद होगा कि संजू अपनी जेल में आरजे का काम भी करता है। हकीकत में भी संजय दत्त ने अपने जेल के दिनों में यरवदा जेल में आरजे बनकर अपने कैदी साथियों का मनोरंजन करने का बीड़ा अपने कंधों पर उठाया था। फिलहाल वे तो आजाद हो चुके हैं और फिल्मों की दुनिया में लौट चुके हैं। मगर फिल्म का ये आइडिया बुलंद शहर की जेल में हिट हो रहा है।
जेल में खाना, पीना, बुनियादी जरुरतें तो सभी पूरी हो ही जाती हैं। मगर सबसे बुरी लड़ाई होती है वक्त गुजारने की। अपने को रिचार्ज रखने के लिए किसी तरह मनोरंजन की दरकार कैदियों की एकमात्र जरुरत बन कर रह जाती है। बुलंदशहर की जेल में इसका भी इलाज तलाश लिया गया है। साफ-सुथरे मनोरंजन की तलाश में यहां के कैदियों ने जेल परिसर में ही अपना खुद का रेडियो स्टेशन प्रसारण केंद्र तैयार कर लिया है।
जेल के एफएम में रेडियो जॉकी यानी आरजे भी कोई कैदी ही होगा। लिहाजा तीन साल से सजा काट रहे राम प्रताप इस जेल के आरजे हैं। ये कैदियों की मांग पर लैपटॉप में जमा गानों से उनकी फरमाइशें पूरी करते हैं। जरुरत पड़ने पर इंटरनेट पर भी गाने खंगाले जाते हैं और पूरे जेल परिसर में लगाए गए स्पीकर्स पर बजाए जाते हैं। जेल परिसर में माइक भी लगाए गए हैं जिन पर कैदी अपना मनोरंजन कर सकते हैं।
बंदियों को तनाव मुक्त बनाने की जेल प्रशासन की कवायद की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने भी रेडियो स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदियों को मनोरंजन के साथ साथ देश भक्ति और ऐतिहासिक तारीखों की जानकारियां भी मुहैय्या कराए जाने के निर्देश जेल अधीक्षक को दिए गए हैं। गौरतलब है कि सूबे में बुलंदशहर जिला कारागार पहला कारागार है जिसमें रेडियो स्टेशन बनाया गया है।