विश्व के आठ अजूबों में से एक आगरा का ताजमहल अक्सर सुर्खियों में रहता है. अपने सुंदरता के कारण चर्चा में रहने वाली यह अनोखी कलाकृति इस बार कुछ अलग वजहों से सुर्खियों में है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि यह ताजमहल के मेन गुंबद के पास का है. सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़े करते वायरल वीडियो का विचाराधिकार लेते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संगठन ने जांच के आदेश दिए हैं.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे 21 सेकंड के इस वीडियो में कुछ महिलाएं धार्मिक एक्टीविटी करते नजर आ रही हैं. कुछ लोग फातिहा पढ़ते हुए भी दिख रहे हैं. इनके पीछे एक गुंबद दिखाई दे रहा है, जिसके ताजमहल का मेन गुंबद होने का दावा किया जा रहा है. वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं हो पाई है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संगठन ने इस वीडियो का बोध लेते हुए जांच शुरू करा दी है. एएसआई के अधिकारियों ने आज तक से कहा कि जांच कराई जा रही है. रिपोर्ट के आधार पर कदम उठाए जाएंगे.
धार्मिक आयोजनों पर है प्रतिबंध
ताजमहल परिसर में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. परिसर की सुरक्षा के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और एयरपोर्ट की सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है. सीआईएसएफ की ओर से जवानों के हर जगह मुस्तैद रहने का दावा किया जाता है. ऐसे में इस तरह के क्रियाकलाप अंजाम दिए जाने की संभावना नगण्य ही है. वायरल हुआ था आरती का वीडियो
यह कोई पहला अवसर नहीं जब ताजमहल के अंदर किसी धार्मिक गतिविधि के दावे के साथ कोई वीडियो वायरल हुआ हो. इससे पहले भी ताज परिसर में एक धार्मिक अनुष्ठान का दावा करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में कुछ लोग आरती करते और झंडा फहराते नजर आ रहे थे. हालांकि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई थी.