संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को शहर में हुई हिंसा के दौरान सरकारी संपत्ति की क्षति की भरपाई के लिए चिन्हित 141 बवालियों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। लेकिन चारों थानों की पुलिस अभी तक बवालियों को नोटिस ही तामील नहीं करा सकी है। न ही एक भी नोटिस की तामीली रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्राप्त कराई गई है। चिन्हित बवालियों का पक्ष सुनने के बाद ही उनपर सरकारी संपत्ति की क्षति की वसूली के लिए राशि का निर्धारण किया जाना है। हिंसा के संबंध में प्रभावित चार थानों में 180 बवालियों को नामजद करके कुल 24 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से 132 उपद्रवियों की पहचान फोटो से की जा चुकी है और 37 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। हिंसा के दौरान नगर निगम, एमडीए और पुलिस की संपत्तियों और वाहनों को क्षति पहुंचाई गई। दोनों विभागों ने इस क्षति की राशि लगभग एक करोड़ बताई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक इस क्षति की राशि की वसूली उपद्रवियों की संपत्ति की बिक्री करके की जानी है। इसके लिए जिला प्रशासन ने 141 लोगों की सूची तैयार की है। इन सभी को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
एडीएम सिटी अजय तिवारी का कहना है कि चिन्हित लोगों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह के भीतर जवाब देकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। उनके जवाब के आधार पर ही उनसे राशि की वसूली का निर्णय लिया जाएगायह पूरी प्रक्रिया तीस दिन की है।