इन संकेतों को न करें इग्नोर हो सकता है CPOD रोग, जानें लक्षण, कारण और बचाव


हवा में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण जहरीले तत्व हमारे फेफड़ों और श्वास प्रणाली को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसके कारण सीओपीडी यानी क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज  के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो हम सांस लेते है वह बेहद जहरीली है।  सीओपीडी दुनियाभर में होने वाली मौतों का तीसरा सबसे बड़ा और विकलांगता का पांचवा सबसे बड़ा कारण होगा। अगर आपको लगे कि उन्हें दो महीने से लगातार बलगम वाली खांसी आ रही है, तो वे समझ लें कि आपको डॉक्टर से तुरंत मिलने की जरूरत है। जानें इसके लक्षण, कारण और कैसे करें बचाव।


सीओपीडी के लक्षण -


इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते हैं जब तक कि आपके फेफड़ों की कोई क्षति न पहुंचे। आमतौर पर वे समय के साथ खराब हो जाते हैं, खासकर अगर धूम्रपान करते है तो। जानें कुछ लक्षणों के बारे में। 



  • सांस की तकलीफ  खासकर शारीरिक गतिविधियों के दौरान

  • घरघराहट

  • सीने में जकड़न

  • जुकाम व फ्लू

  • सांस लेने में दिक्कत

  • पैरों में सूजन

  • लगातार वजन घटना

  • याददाश्त में कमी

  • तनाव

  • सांस प्रणाली में संक्रमण

  • हृदय की समस्याएं

  • फेफड़ों का कैंसर


सीओपीडी के कारण होने वाली बीमारियां -



  • सीओपीडी के कारण आप कभी भी सर्दी-जुकाम के शिकार हो सकती है। 

  • सीओपीडी के कारण  हार्ट अटैक की समस्या सबसे अधिक होती है। 

  • लिवर कैंसर का सबसे अधिक खतरा। 

  • सीओपीडी आपके फेफड़ों में रक्त लाने वाली धमनियों में रक्तचाप बढ़ा सकता है। 

  • सीओपीडी के कारण डिप्रेशन की समस्या हो सकती है। 


सीओपीजी से बचाव -



  • आपको बता दें कि सीओपीडी पूर्ण रुप से सही नहीं सकता है। बस इसे कंट्रोल किया जा सकता है। 

  • अगर आप स्मोकिंग करते है तो उसे बंद कर दें। 

  • ऐसे जगह जाने से बचें जहां पर वायु प्रदूषण, धूल आदि हो। 

  • समय से दवाई लेते रहें। 

  • रेग्लुलर चेकअप कराते रहें। 

  • रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज जरुर करें। 


सीओपीडी के होने का कारण



सीओपीडी रोग होने का सबसे बड़ा कारण प्रदूषण और स्मोकिंग है। वहीं जो लोग गांवों में रहते हैं उन्हें चूल्हें से निकलने वाले धुंए से इस बीमारी के शिकार हो सकते है। इसी कारण वहां की महिलाएं सबसे ज्यादा इस बीमारी के शिकार होती है।