मेरठ। दुष्कर्म पीड़िता पर तेजाब से हमले के मामले में पुलिस ने 24 घंटे बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिससे क्षुब्ध होकर पीड़िता बृहस्पतिवार को लखनऊ रवाना हो गई। पीड़िता का कहना है कि वह डीजीपी से मिलकर शिकायत करेगी। मेरठ पुलिस आरोपी दरोगा और उसके परिवार को बचाने में लगी हुई है।
पीड़िता ने आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है।पल्लवपुरम थाना क्षेत्र निवासी दुष्कर्म पीड़िता ने बुधवार शाम दरोगा नरेंद्र कुमार की पत्नी और दो अज्ञात लोगोें पर एसएसपी आवास के पास तेजाब फेंकने का आरोप लगाया था। जिसमें पीड़िता झुलस गई थी। पीड़िता ने दरोगा पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर एक साल पहले मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद दरोगा की पत्नी ने पीड़िता पर हमले का केस कराया था। दरोगा और पीड़िता जेल काट चुके हैं। पीड़िता जमानत पर आई हुई थी।
पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता को झुलसना नहीं बताया गया। इसको देखते पुलिस ने उसकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अंदेशा जताया कि दरोगा और उसकी पत्नी को फंसाने के लिये पीड़िता ने यह कदम उठाया है।
रिपोर्ट दर्ज न करने पर पीड़िता ने नाराजगी जताई। पीड़िता ने बताया कि वह लखनऊ डीजीपी से शिकायत करने जा रही है। डीजीपी से मेरठ पुलिस की शिकायत करूंगी और अपनी आपबीती सुनाऊंगी।
मामले की जानकारी लगते ही पुलिस में खलबली मच गई। पुलिस ने पीड़िता से संपर्क करने का प्रयास किया और जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि पुलिस अभी जांच कर रही है। तेजाब से जले कपड़े और डॉक्टरी रिपोर्ट को एफएसएल को भेजा है। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।