बारिश की मार से टमाटर का उत्पादन रह गया आधा, चढ़ेगा अब दाम

आगरा। अतिवृष्टि के बाद मौसम साफ हुआ तो टमाटर रोग की चपेट में आ गया। उत्पादन घट कर पचास फीसद से भी कम रह गया। उद्यान विभाग ने अभी तक सब्जी उत्पादकों के नुकसान की भरपाई के लिए आकलन नहीं कराया है,जिससे किसान परेशान हैं।



जिले भर में पच्चीस से तीस हजार हेक्टेयर में सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। करीब सात आठ हजार हेक्टेयर में टमाटर की फसल बोई गई। पहले सप्ताह में तूफान संग हुई ओलावृष्टि और बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ। मौसम के साफ होते ही टमाटर की फसल रोग की चपेट में आ गई। किसान कुछ समझ पाते, तब तक रोग ने उत्पादन को पचास फीसद कम कर दिया। गांव कारब के किसान ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि उन्होंने सात एकड़ जमीन में टमाटर की फसल बोई थी। डेढ़ बीघा जमीन पर फूल गोभी की थी। एक बीघा में शिमला मिर्च लगाई। बरसात से सब्जियों की खेती बर्बाद हो गई। टमाटर की फसल झुलसा की चपेट में आ गई। इससे टमाटर खेतों में सड़ रहा है। एक एकड़ में 1200 क्रेट टमाटर होता था, जो आधा ही रह गया। मिर्च भी सिकुडऩ आ रही है। किसानों को सब्जी में काफी नुकसान हुआ है। सरकारी योजनाओं का लाभ उद्यान विभाग से मिलता है, लेकिन अभी उद्यान विभाग के अधिकारी किसानों को कोई जानकारी एवं सुविधाएं मुहैया नहीं करा रहा है। किसान कालीचरण, भूपेंद्र सिंह, संतोष, बच्चू सिंह, खूबा, शिवराम, गिरिराज सिंह, पूरन सिंह, गोविंदा, आल्हा सिंह, उदल सिंह, मोहन सिंह, मंगल सिंह ने सरकार से मुआवजा दिए जाने की मांग की है।